फिर तेरी कहानी याद आती है ! तुम्हारी खूबसूरती के किस्से आज भी , अखबार के किसी पुराने टुकड़े में मिल जाएंगे ! मुगलो के कला व स्थापत्य के प्रेम ने ,तुममे वो रंग भर दिया की ,तुम्हारी खूबसूरती का बखान तो लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828–1833) के वास्तुकार ,ग्राहम पिकफोर्ड ने भी अपनी पुस्तक "हिस्टोरिक स्ट्रक्चर्स ऑफ़ अवध" में किया ! तूने सबको अपनाया , सबको अपना माना , सबके प्रेम को खुले दिल से स्वीकार्य भी किया ! तुम्हारे भीतर कई सम्प्रदायों का मिलन होता था ! तुम्हारे भीतर कोई इबादत करता था तो कोई सच्ची आराधना में मशगूल था ! शायद तुम्हारे इसी प्यार ने गंगा जमुनी तहज़ीब की एक मिसाल कायम की !

एक ऐसी मिसाल जिसे आज तक भुलाया न जा सका , तुझे मिटाने की कोशिशे तो बहुत हुई पर तुझे आज भी हमारे दिल से मिटाया न जा सका ! तुझ पर ज़ुल्म ढाये गये , तेरे अस्तित्व पर सवाल खड़े किये गए ! तुझ पर नेताओं ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी ! तेरे प्यार और लोगो की आस्थाओं का मज़ाक बनाया गया ! तेरा और उनका (जिन्होंने तुझे लूटा) सबका केवल इस्तेमाल किया गया ! जब तुझे क़त्ल करने की कोशिशें की जा रही थी तब भी तू किसी माँ की तरह खड़ी सब सह रही थी ! हम तो तुम्हारी याद में काला दिवस (BLACK DAY ) मना लेते हैं, पर कभी कभी सोचता हूँ कि तुम उस दिन को कैसे काटती होगी ! कैसे उन सब ज़हरीली यादो के साथ जीती होगी ! कैसे आज भी तुम अपने अस्तित्व के लिए लड़ती होगी ! तुम्हे कितनी तकलीफ होती होगी जब तुम उन खूनियो को अपने नापाक मंसूबो में कामयाब होते देखती होगी ! उन खूनियो ने आज तुम्हारी लाश पर अपनी कामयाबी की इमारत खड़ी कर ली है !

और तुम्हे बदले में क्या मिला , न तुम राम की हो पायी न रहीम की ! बस आज तुम्हारा नाम एक विवादास्पद स्थल के रूप में लिया जाता है ! एक ऐसा स्थल जिसके कारण हज़ारों लोगो को अपनी जान गंवानी पड़ी ! ऐसा स्थल जो आज भी तमाशबीनों के लिये मनोरंजन का एक केंद्र है ! जानता हूँ कि अपनी इन अनैतिक परिभाषाओं को सुनकर तुम्हारा दिल ज़रूर रो देता होगा ! लेकिन तुम फ़िक्र मत करो आज भी तुम्हे हर कोई हासिल कर लेना चाहता है पर उसे तुम्हारे स्वास्थ (हालात) कि नहीं बल्कि अपने स्वार्थ की चिंता है !
- सलमान अली