किसी महापुरुष ने कहा था की इंसान की पहचान उनकेप्रशंषको से ही हो जाती है ! महात्मा गांधी से बड़ी जनसभाएं
शायद ही भारत के इतिहास में कभी हुई हो लेकिन शायद
ही कभी किसी ने सुना या पढ़ा होगा की उनकी जनसभा में
पहुंचे किसी भी व्यक्ति के साथ उनके प्रशंषको ने
बदतमीज़ी की हो !
दूसरी तरफ हैं मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम भक्त और हमारे
प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ! अगर
किसी को अपनी बेइज़्ज़ती करवानी हो तो बस इनके साथ मंच
साझा कर लीजिये बाकी का काम इनके प्रशंषको की भीड़ कर
देगी ! मज़े की बात तो ये है कि इस दौरान ये महोदय
किसी तानाशाह की तरह अपने मुरीदो के
द्वारा की जा रही ज़ाहिलियत का मुस्कुराकर समर्थन भी कर
देंगे ! बस मैं तो मोदी जी से इतनी ही विनती करूंगा कि इनमे
से दो चार को अपना प्रवक्ता भी बना ही लीजिये
क्यूंकि आपके प्रवक्ताओं कि एक ही खाशियत है और उसे
हम देशी भाषा में बकचोदी करना कहते हैं !
मोदी जी आपसे एक और निवेदन था कि इनमे से दो चारको अपने साथ अमेरिका भी ले ही जाइयेगा क्यूंकि जब आप
देश के बाहर जाते हो तो आपके अंदर आत्मविशवास
कि कमी साफ़ झलकती है तो हो सकता हैं इनके
मोदी मोदी.... के नारे से आप में कुछ आत्मविश्वास ही लौट
आये ! वैसे मज़ाक कर रहा हूँ गलती से भी इन
नमूनो को वहाँ मत ले जाना वरना वहाँ जाकर
आपका तो सिर्फ आत्मविश्वास ही मुश्किल में पड़ेगा पर इन
बेचारों कि तो ज़िन्दगी ही मुश्किल में पड़ जाएगी !
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सलमान अली---------------------------
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