नायक मूवी देख रहा था वैसे पहले भी कई बार देखी है लेकिन जब भी आती है मंन
करता है कि एक बार और देख ली जाये ! अब हमारी फितरत ही ऐसी हो गई है कि जो
काम हम रियल लाइफ में नहीं कर पाते उसे रील लाइफ में ही देख कर खुश हो जाते
है ! अब इतनी अच्छी राजनीति या इतनी अच्छी हॉकी रियल लाइफ में तो देखने को
मिलती नहीं तो नायक या चक दे इंडिया जैसी मूवीज ही देख कर खुश हो लेते
हैं ! मूवी देखने के बाद एक अलग सी संतुष्टि मिलती है और मन करता है कि अगर
मुझे मौका मिला होता तो मैं भी देश के लिए क्या क्या कर देता पर अब ये सब
हमारी पहुंच के बाहर है !
हाँ एक बात और सोच रहा था कि क्यों न संसद के पहले सत्र में तमाम मंत्रियो और सांसदों को नायक जैसी मूवी ही दिखा दी जाये शायद उनको भी कुछ देश के लिए अपने फ़र्ज़ कि याद आ जाये वरना पीछे बैठ कर तो मोबाइल में पिक्चरिया तो देखते ही रहते है !
---------------------------- सलमान अली -----------------------------------------------------
हाँ एक बात और सोच रहा था कि क्यों न संसद के पहले सत्र में तमाम मंत्रियो और सांसदों को नायक जैसी मूवी ही दिखा दी जाये शायद उनको भी कुछ देश के लिए अपने फ़र्ज़ कि याद आ जाये वरना पीछे बैठ कर तो मोबाइल में पिक्चरिया तो देखते ही रहते है !
---------------------------- सलमान अली -----------------------------------------------------

No comments:
Post a Comment