लम्हें जब बीत जाते हैं तो यही लम्हें हमारी यादें बन जाते हैं ! इन्ही
यादों की चादर में कुछ यादें ऐसी भी होती हैं जो किसी ख्वाब से कम नहीं
होती ! वो ख्वाब जो पूरे हो चुके हैं........ फिर भी हम सोचते हैं कि काश
वो लम्हां जो अब ख्वाब बन चुका है काश फिर से वापस आ जाता ! ऐसे खूबसूरत
लम्हें सबकी ज़िन्दगी में आते ज़रूर हैं बस ज़रुरत है उन लम्हों को पहचानने की
और उन्हें इस तरह जीने की , कि बाद में जब वो लम्हां बीत जाएं तो गम न रह
जाये कि काश वो लम्हां फिर से आ जाता तो कितना कुछ कर लेते ! कॉलेज हो या
हॉस्टल ये सारे वो लम्हें हैं जो कि चंद पलों के ख्वाब होते है इसलिए इन्हे
इस तरह से जी लीजिये कि कल को कोई शिकायत न रह जाये अपने आप से ! ज़िन्दगी
को शिकायतों के साथ नहीं बल्कि खूबसूरत ख़्वाबों के साथ बिताइये !ज़ाहिद ने मेरा हौसले ईमान नहीं देखा,
रुख पर तेरी ज़ुल्फों को परेशान नहीं देखा...
आये थे सभी तरह के जलवे मेरे आगे...
मैंने मगर ए दीदाए हैरान नहीं देखा ...
----------------------------------------------------------------------------सलमान अली--------------------------------------
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